विश्व भोजपुरी सम्मेलन में भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मॉग - 2008
 
  भागवत कथा का आयोजन - 2007  
  पूर्वांचल स्वाभिमान समारोह - 2006  
  द्वारका में पूर्वांचल स्वाभिमान समारोह आयोजित - 2005  
  भोजपुरी भाषा के लिए प्रदर्शन - 2004  
  पूर्वांचल स्वाभिमान समारोह - 2003  
  विश्व भोजपुरी सम्मेलन में- 2002  
  पूर्वांचल स्वाभिमान समारोह - 2001  
   

 

किसी भी संस्था की ताकत उसकी समिति के बुलद इरादे वाले सदस्य होते हैं। पूर्वांचल एकता मंच (रजि.) की कोर टीम में ऐसे सदस्यों की कमी नहीं है जो अपने रोमर्रा की जिनदगी से दो हाथ करते हुए भी अपने समाज अपने क्षेत्र और अपने मातृभासा के बारे में न सिर्फ बौद्विक स्तर पर सोचते है बल्कि जरूरत पडने पर धरना प्रर्दशन और आंदोलन के लिए तैयार भी रहते है।
 
   


 

 

 
   
 


 

पूर्वांचल स्वाभिमान समारोह - 2006

नई दिल्ली, 8 अप्रैल। पूर्वांचल एकता मंच, दिल्ली के तत्वावधान में द्वारका सेक्टर-8 स्थित दादा देव मेला ग्राउंड में ´पूर्वांचल स्वाभिमान समारोह´ का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि केन्द्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने वहॉ अपस्थित विशाल जनरामूह को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वांचल के लोग दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने में और पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। वे लोग कहीं भी रहे अपनी संस्कृति का दामन थामे रहते है। उन्होंने दिल्ली में पूर्वांचलवासियों की एकता बनाए रखने में पूर्वांचल एकता मंच की सराहना करते हुए कहा कि हम पूर्वांचलवासियों की एकजुटता ही हमारी असली ताकत है। भोजपुरी भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने के लिए भरपूर प्रयास करने का आश्वासन देते हुए श्री यादव ने कहा कि भोजपुरी भाषी लोगों की विशाल जनसंख्या को देखते हुए इसे संविधान की अष्टम अनुसूची में सम्मिलित कराना पूर्णत: न्यायसंगत है। श्री लालू प्रसाद यादव से भोजपुरी के विकास के लिए सरकारी सहयोग की मॉग करते हुए पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष श्री शिवजी सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने इस संदर्य में शीघ्र कदम नहीं उठाया तो पूर्वांचल एकता मंच धरना-प्रदशZन आदि के द्वारा सक्रिय संघर्ष करने को विवश हो जाएगा।


समाजवादी विचारक एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री जनेश्वर मिश्र ने कहा कि भोजपुरी भाशा में जो मिठास है, वह दुनिया की किसी भी दूसरी भाषा में नहीं है। उन्होंने श्री लालू यादव से भोजपुरी भाषा को आवीं अनुसूची में शामिल कराने का मुद्दा कैविनेट की बैठक में उठाने का आह्वान किया। सांसद श्री प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए मैंने व्यक्तिगत रुप से श्रीमती सोनिया गॉधी से भी मुलाकात की है और उन्होंने इसके लिए भरमूर प्रयास करने का आश्वासन दिया है। कांगेसी नेता श्री संजय निरुपम सांसद श्री सज्जन कुमार, विधायक श्री महाबल मिश्रा आदि नेताओं ने भी जनसभा को संबोधित किया। श्री जनेश्वर मिश्र को ´पूर्वांचल गौरव सम्मान´ से सम्मानित किया गया।

समारोह में एक विचार-संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसका विषय था - ´भोजपुरी लोकगीतों में जीवन का स्वर´। संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र ने कहा कि भोजपुरी लोकगीतों में विषय, शैली, एवं छंद की विविधता एवं गहराई है। लोकगीतकार ऐसे अनाम साहित्यकार है, जिनमें यश अथ्वा पैसे की कोई आकांक्षा नहीं थी। विषय प्रवर्तन करते हुए सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती अलका सिन्हा ने कहा कि भोजपुरी लोकगीतों में जीवन का स्वर फटता है। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेन्द्र गौतम ने अपने मॉरीशस प्रवास के अनुभव एवं वहॉ भोजपुरी लोकगीतों की स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि वहॉ महात्मा गॉधी शोध संस्थान, में भोजपुरी भाषा के लिए एक स्वतंत्र विभाग है। भोजपुरी साहित्यकार डॉ. जयकांत सिंह ´जय´, डॉ. आशा रानी लाल, िुमार विरल आदि वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी का संचालन करते हुए वरिष्ठ भोजपुरी लेखक एवं बिहार के पूर्व वित्त मंत्री डॉ. प्रभुनाथ सिंह ने भोजपुरी को अष्टम अनुसूची में सम्मिलित करने की जोरदार मॉग की।

संास्कृतिक सत्र में भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार एवं गायक मनोज तिवारी के गाए मधुर गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भोजपुरी की सुप्रसिद्ध गायिका विजया भारती, संगीता यादव, गजाधर ठाकुर तथा संतोष मनमौजी ने भी अपने गीतों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।

समारोह के अलंकरण एवं लोकगायिका श्रीमती मैनावती देवी ´मैना´ को ´भिखारी ठाकुर सम्मान´ से सम्मानित किया गया। इस सत्र में हिन्दी व भोजपुरी की द्विभाषिक पत्रिका ´पुर्वांकुर´ का लोकार्पण करते हुए डॉ. रामदरश मिश्र ने पत्रिका के संपादक श्री संतोष सिन्हा एवं उनसंपादक श्री संतोष पटेल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पत्रिका को भोजपुरी की लोकप्रियता बढाने में विशेष योगदान देने वाला बताया।


श्री कृष्ण जन्माष्टमी

महान कर्मयोगी भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। ´पूर्वांचल एकता मंच´ प्रत्येक वर्ष इस दिन को ´श्री कृष्ण जन्माष्टमी समारोह´ का आयोजन करता ह। पूर्णतया भक्तिमय परिवेश में हजारो की संख्या में पूर्वांचलवासी इस समारोह में भाग लेते है। पूरे दिन एवं मध्य रात्रि तक गीत - संगीतमय भजन व पूजन का कार्यक्रम चलता रहता है। इस अवसर पर देश के अनेक सुप्रसिद्ध भोजपुरी लोकगायकों - गायिकाओं द्वारा भक्तिगीतों की आकर्षक प्रस्तुति की जाती है। भगवान श्री कृष्ण के छठियार के दिन संस्था की ओर से एक विशाल भण्डारे का आयोजन भी किया जाता है जिसमें हजारों लोग भोजन रूपी भगवान का प्रसाद पाकर स्वयं को धन्य अनुभव करते है।

अष्टयाम्

पूर्वाचल एकता मंच प्रति वर्ष अष्टयाम का आयोजन करता है।

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।।

इस महामंत्र का गायन 24 घंटे तक विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा पूरी लय और ताल के साथ मधुर स्वर में किया जाता है।इस महायज्ञ में हजारों लोग भाग लेते हैं। यज्ञ के पश्चात् भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस समारोह में सर्वश्रेष्ठ कीर्तन मंडली को पुरस्कृत भी किया जाता है।

छठ पर्व

समस्त पूर्वांचल क्षेत्र में सूर्य देवता की आराधना छठ पूजा के रुप में की जाती है। यह त्योहार पूर्वांचल की संस्कृति की पहचान है। इस पर्व में भगवान भास्कर की उपासना संध्या और प्रात: दोनो समय अध्र्य देकर की जाती है। ´पूर्वांचल एकता मंच की सभी शाखाएं प्रत्येक वर्ष अपने-अपने क्षेत्र में छठ पर्व समारोह का आयोजन करती हैं। इस पूजन समारोह में लाखों स्त्री-पुरुष श्रद्धा व उत्साह पूर्वक भाग लेते हुए अपने आराध्य सूर्य देवता को फल, फूल, मिष्ठान, ठेकुआ, पकवान आदि अर्पित करते हुए उपासना करते है।

स्वास्थ्य शिविर

14 नवंबर 2001 को पूर्वांचल एकता मंच के तत्वावधान में एक स्वास्थ शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. बी.के. सिंह एवं अन्य चिकित्सकों के द्वारा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के स्वास्थ की जॉच की गई। संस्था की ओर से दवाइयों का मुफ्त वितरण भी किया गया।

होली मिलन समारोह

´पूर्वांचल एकता मंच´ हर साल अत्यंत धूमधाम के साथ होली मिलन समारोह का आयोजन करता है। पूर्वांचल के हजारों लोग एक स्थान पर एकत्रित होकर परस्पर गले मिलते है और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर आपसी प्रेम व सद्भाव को प्रकट करते है। इस समारोह में पूर्वांचल के सुप्रतिष्ठत राजनेता साहित्यकार, लाककलाकार, समाजसेवी आदि सम्मिलित होते है और उनस्थि जनसमूह को संबोधित करते है। इस अवसर पर देश के जाने-माने भोजपुरी व मैथिली गायक-गायिका अपने सुमधुर स्वर में फगुआ, चैती, होरी आदि लोकगीत गाकर लोगों को रसविभोर कर देते है।

 


 

 

 
     
 
   
   
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शिवजी सिंह
अध्यक्ष
आर. जेड़. एच. ८९६, गली नंबर : १२
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