विश्व भोजपुरी सम्मेलन - 2002
पूर्वांचलवासियों की समस्याओं को प्राथमिकता
से हल करेंगे : ‘शीला

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में पूर्वांचलवासियों की
विशाल और प्रभावशाली उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार
ने छठ पर्व पर अवकाश के साथ-साथ भोजपुरी और मैथिली अकादमी की स्थापना
करने पर विचार करने का फैसला किया है। दिल्ली में पूर्वांचल वालों
की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की कोशिश की जाएगी। पूर्वांचल
एकता मंच द्वारा पालम में आयाजित विश्व भोजपूरी सम्मेलन के अवसर पर
श्रीमती दीक्षित ने कहा कि वह हमेशा भोजपुरी और मैथिली भाषा एवं संस्कृति
के लिए प्रयासरत रहेगी।

तीन सत्रों में बंटे विश्व भोजपुरी सम्मेलन के भोजपुरी-मैथिली
संास्कृतिक संध्या वाले सत्र का उद्घाटन करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री
रामविलास पासवान ने कहा कि पूर्वांचल वासियों में जो साहस, एकता और
बलिदान की भावना है वह सदैव सराहनीय बनी रहेगी। हमें महिलाओं के सर्वांगीण
विकास एवं सशत्तिकरण पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।

सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर
मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने भोजपुरी, मैथिली, हिंदीं
आदि आधुनिक भारतीय भाषाओं के विकास में अंग्रेजी को बाधक बताया। कार्यक्रम
के मुख्य अतिथि सूरीनाम के उच्चायुत्त कृश्ण दत्त बैजनाथ ने सूरीनाम
में भोजपुरी भाषा एवं संस्कृति के तत्कालीन संदर्भों की चर्चा करते
हुए भारत में भोजपुरी के विकास के लिए कुछ उपाय भी सुझाए। अपने अध्यक्षीय
भाषण में त्रीनिदाद तोबैगो की डा. मेगी मोहन ने भोजपुरी भाषा के प्रयोग
की महत्ता बताते हुए मातृभाषा के उत्थान के लिए गंभीरता से जुट जाने
का आग्रह किया।

दूसरे सत्र में विचार गोष्ठी ´भोजपुरी संस्कृति के
बदलते तेवर´ की अध्यक्षता डा. जवाहर सिंह ने की। उन्होंने भोजपुरी
जीवन में बढती हुई अपसंस्कृति का क्षोभ प्रकट करते हुए संस्कृति उन्नयन
हेतु मिलजुल कर प्रयास करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर उपस्थित सांसद रघुनाथ झा एवं रेनू सिंहा
ने सरकार से मैथिली और भोजपुरी भाशाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची
में शामिल करने की मांग की। सांसद प्रभूनाथ सिंह को ´भोजपुरी शिरोमणि
सम्मान´ से सम्मानित किया गया। समारोह में पूर्वांचल एकता मंच की स्मारिका
´पूर्वाकुर´ का विमोचन भी हुआ।
इस समारोह में हिंदी के वरिष्ठ कवि डा. केदारनाथ
सिंह, राजीव रंजन सिंह, विधायक महेंद्र यादव, विधायक महाबल मिश्र,
महेश्वर सिंह, निगम पाशZद शांति यादव, डा. जयकांत सिंह जय, डा. ब्रजभूषण
मिश्र, भगवान सिंह भास्कर, प्रो. राजवीर सिंह, व्यास मिश्र, जनार्दन
सिंह, अविनाश नागदंश महेंद्र सिंह एवं डा. कविता वर्मा आदि लोग मौजूद
थे।


श्री कृष्ण जन्माष्टमी
महान कर्मयोगी भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष
की अष्टमी तिथि को हुआ था। ´पूर्वांचल एकता मंच´ प्रत्येक वर्ष इस
दिन को ´श्री कृष्ण जन्माष्टमी समारोह´ का आयोजन करता ह। पूर्णतया
भक्तिमय परिवेश में हजारो की संख्या में पूर्वांचलवासी इस समारोह में
भाग लेते है। पूरे दिन एवं मध्य रात्रि तक गीत - संगीतमय भजन व पूजन
का कार्यक्रम चलता रहता है। इस अवसर पर देश के अनेक सुप्रसिद्ध भोजपुरी
लोकगायकों - गायिकाओं द्वारा भक्तिगीतों की आकर्षक प्रस्तुति की जाती
है। भगवान श्री कृष्ण के छठियार के दिन संस्था की ओर से एक विशाल भण्डारे
का आयोजन भी किया जाता है जिसमें हजारों लोग भोजन रूपी भगवान का प्रसाद
पाकर स्वयं को धन्य अनुभव करते है।

अष्टयाम्
पूर्वाचल एकता मंच प्रति वर्ष अष्टयाम का आयोजन करता है।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।।
इस महामंत्र का गायन 24 घंटे तक विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा पूरी
लय और ताल के साथ मधुर स्वर में किया जाता है।इस महायज्ञ में हजारों
लोग भाग लेते हैं। यज्ञ के पश्चात् भंडारे का आयोजन किया जाता है।
इस समारोह में सर्वश्रेष्ठ कीर्तन मंडली को पुरस्कृत भी किया जाता
है।


छठ पर्व
समस्त पूर्वांचल क्षेत्र में सूर्य देवता की आराधना छठ पूजा के रुप
में की जाती है। यह त्योहार पूर्वांचल की संस्कृति की पहचान है। इस
पर्व में भगवान भास्कर की उपासना संध्या और प्रात: दोनो समय अध्र्य
देकर की जाती है। ´पूर्वांचल एकता मंच की सभी शाखाएं प्रत्येक वर्ष
अपने-अपने क्षेत्र में छठ पर्व समारोह का आयोजन करती हैं। इस पूजन
समारोह में लाखों स्त्री-पुरुष श्रद्धा व उत्साह पूर्वक भाग लेते हुए
अपने आराध्य सूर्य देवता को फल, फूल, मिष्ठान, ठेकुआ, पकवान आदि अर्पित
करते हुए उपासना करते है।


स्वास्थ्य शिविर
14 नवंबर 2001 को पूर्वांचल एकता मंच के तत्वावधान
में एक स्वास्थ शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. बी.के. सिंह एवं
अन्य चिकित्सकों के द्वारा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के स्वास्थ की
जॉच की गई। संस्था की ओर से दवाइयों का मुफ्त वितरण भी किया गया।
होली मिलन समारोह
´पूर्वांचल एकता मंच´ हर साल अत्यंत धूमधाम के साथ होली मिलन समारोह
का आयोजन करता है। पूर्वांचल के हजारों लोग एक स्थान पर एकत्रित होकर
परस्पर गले मिलते है और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर आपसी प्रेम व सद्भाव
को प्रकट करते है। इस समारोह में पूर्वांचल के सुप्रतिष्ठत राजनेता
साहित्यकार, लाककलाकार, समाजसेवी आदि सम्मिलित होते है और उनस्थि जनसमूह
को संबोधित करते है। इस अवसर पर देश के जाने-माने भोजपुरी व मैथिली
गायक-गायिका अपने सुमधुर स्वर में फगुआ, चैती, होरी आदि लोकगीत गाकर
लोगों को रसविभोर कर देते है।


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