| (1) भोजपुरी भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची सम्मिलित
कराने हेतु प्रयास करना।
(2) पूर्वांचल की भाषाओं, लोक-परंपराओं, पर्व-त्योहारों आदि के संरक्षण
- संवर्धन हेतु प्रयास करना।
(3) पूर्वांचल के सपूतो के नाम पर सार्वनिक स्थलों का नामकरण कराने
हेतु प्रयास करना।
(4) पूर्वांचल वासियों को संगठित कर एक सशक्त मंच प्रदान करना।
(5) पूर्वांचल वासियों के मध्य सामाजिक- संस्कृतिक सहयोग बढाने का
प्रयास करना।
(6) लोकभोषाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पुस्तकों व पत्र-पत्रिकाओं
का प्रकाशन।
(7) भोजपुरी, मैथिली, मगही, अवधी आदि भाषाओं के विकास के लिए कवि-सम्मेलन,
सेमिनार, लोक
साहित्य सम्मेलन आदि समारोहों का आयोजन करना।
(8) आर्थिक रुप से निर्बल लोगों के लिए मुफ्त चिकित्सा शिविरों का
आयोजन करना।
(9) अपनी-अपनी लोकभाषा में परस्पर बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित
करना।
|