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८
८ वी अनुसूची
में भोजपुरी भाषा को शामिल करने के लिए जंतर- मंतर पर धरना
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पूर्वांचल एकता मंच के बैनर तले देश भर से जुटे हजारों
भोजपुरी भाषा-भाषियों ने जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान
पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवजी सिंह ने सरकार से मांग की कि
‘भोजपुरी को अष्टम अनुसूची में सरकार अगर इसी सत्र में नहीं लाती है
तो हम सड़क पर आने के लिए मजबूर होगे और देशव्यापी आंदोलन करेगे
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पाँचवां
विश्व भोजपुरी सम्मेलन सम्पन्न |
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द्वारका, नई दिल्ली। पूर्वान्चल एकता मंच द्वारा
आयोजित विष्व भोजपुरी सम्मेलन का उद्घाटन सत्र का षुभारंभ करते हुए
लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार ने कहा कि भोजपुरी को उसका हक
मिलना चाहिए। पाँचवे विष्व भोजपुरी सम्मेलन का उद्घाटन करने के पष्चात्
उन्होंने सम्मेलन के प्रथम दिवस 9 अप्रैल को अपने सम्बोधन में भोजपुरी
कहा.
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भोजपुरी
सिनेमा के स्वर्णिम वर्ष पर फ़िल्मी हस्तियाँ सम्मानित |
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भोजपुरी सिनेमा के 50 वर्षो की यात्रा में भोजपुरी फिल्मों ने उल्लेखनीय
मानक स्थापित किया है और भोजपुरी फिल्मों ने देश विदेश में शूटिंग
कर के दर्शकों को अच्छी फ़िल्में दी है. उक्त विचार था मशहूर पार्स्व
गायक उदित नारायण का. श्री उदित नारायण ने दिल्ली मे पूर्वांचल ै..
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´पूर्वांचल एकता मंच´ समस्त पूर्वांचलवासियों की अस्मिता
व स्वाभिमान को मुखर स्वर प्रदान करने वाला एक सशक्त संगठन है। देश -
विदेश में बसे करोड़ों पूर्वांचलवासियों की आकांक्षा अनुरुप यह संगठन
पूर्वांचल की सामाजिक, सांस्कृति एवं भाषागत विरासत को संजोने व संवारने
के लिए अपनी असीम उर्जा के साथ प्रयासरत है। अपनी अद्भुत संगठन क्षमता,
रचनात्मक कार्यकलापों एवं परस्पर भावनात्मक एकता को सुदृढता प्रदान करने
के लिए ´पूर्वांचल एकता मंच´ विशेष रुप से प्रयत्नशील है।  |
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पूर्वांचल की संस्कृति, कला, भाषा
- साहित्य व समृद्ध परंपराओं की विरासत के संरक्षण, संवधर्न एवं
विकास के लिए ´पूर्वांचल एकता मंच´ विगत कई वर्षों से पूरी निष्ठा
और समर्पित भाव से कार्य कर रहा है।
पूर्वांचल एकता मंच की स्थापना सन् 2000 में हुई। प्रथम आमसभा
में श्री शिवजी सिंह सर्वसम्मति से इसके अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
उस सभा में संस्था की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। संस्था
के सभी सदस्यों ने पूर्वांचल की एकता, अस्मिता व स्वाभिमान की
रक्षा के लिए तन-मन-धन से सदैव तत्पर रहने की शपथ |
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पर्व - त्योहार एवं कला-संस्कृति ही किसी समुदाय की पहचान
है, और यही हर समुदाय के लोगों को आपस में जोड़ता भी है। पूर्वाचल वासियों
को एक सूत्र में बॉध कर रखने के लिए महानगर की व्यस्तता भरी जिन्दगी
में एक दूसरे से मिलने के लिए तथा अपनी धार्मिक व संास्कृतिक आस्तिा
को बनाए रखने के लिए पूर्वांचल एकता मंच प्रतिवर्ष अष्टयाम, छठ पूजा,
होली मिलन समारोह, जन्माष्टमी, आदि अनेक पर्व-त्योहारों का आयोजन करता
है। |
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| भोजपुरी क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए
भोजपुरी भाषा, समाज, संस्कृति, कला, और साहित्य के संवर्धन
एवं विकास तथा भोजपुरी भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची
सम्मिलित कराने हेतु प्रयास करना।… |
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